जिला मुख्यालय विदिशा के नाम से जिले का नाम हैं। विदिशा के बारे में वाल्मीकी रामायण में उदाहरण मिलता हैं। जो कि यह दर्शाता है कि शत्रुघ्न का बेटा शत्रुघाति विदिशा का प्रतिनिधि हुआ करता था । ब्राम्हपुराण में भी इस जगह का वर्णनन मिलता हैं। जिससे इस जगह का नाम हुआ भद्रावती जो कि यवनों का रहने का स्थान था। यावनों जिन्होंने युधीष्ठिर को अश्वमेघ यज्ञ के लिये घोड़ा दिया था। प्राचीन एतिहासिक शहर बैसनगर विदिशा से सिर्फ ३ किलोमीटर दूर हैं। जो प्राचीन विदिशा के बारे में बताता हैं। कुछ शताब्दीयां पूर्व ईसापूर्व बैसनगर एक बहुत ही महत्वपूर्ण जगह थी । जहॉं बुद्ध, जैन एवं ब्रम्ह साहित्य जैसे बैसनगर, वैश्यनगर आदि। राजा रूकमान्दघाह जिसने अपनी पत्नी विस्वा का अप्सराओं के लिये त्याग कर दिया था; उनके नाम पर शहर का नाम विश्वानगर हुआ ।, और पढ़ें …
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जिला एक नज़र में
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क्षेत्र:७,३७१ वर्ग कि.मी.
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आबादी:१४,५८,८७५
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भाषा: हिंदी
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गाँव: १५२४
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पुरुष: ७,६९,५६८
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महिला: ६,८९,३०७
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नया क्या है?
- विदिशा के पठारी अंतर्गत ग्राम खजुरिया (पूरक) में हनोता सिंचाई परियोजना निर्माण हेतु भूमि अर्जन की घोषणा
- विदिशा के कुरवाई अंतर्गत ग्राम गम्मुखेड़ी में कोटा बैराज परियोजना हेतु भूमि अर्जन की प्रारंभिक अधिसूचना
- विदिशा के कुरवाई में कोटा बैराज परियोजना निर्माण हेतु भूमि अर्जन की घोषणा
- विदिशा में अरिहंत नगर से बंटी नगर ओवरब्रिज निर्माण हेतु भूमि अर्जन की प्रारंभिक अधिसूचना