| जन्म-मृत्यु की पंजीयन व्यवस्था |
| जन्म अथवा मृत्यु की जानकारी 21 दिनों के अंदर नगर निगम/नगरपालिका/नगर पंचायत अथवा ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत में देकर नि:शुल्क प्रमाण-पत्र प्राप्त करें। |
| 21 दिनों के पश्चात एवं 10 वर्ष के भीतर ₹1 तथा 10 वर्ष से अधिक अवधि हेतु ₹20 विलम्ब शुल्क देकर प्रमाण-पत्र प्राप्त किया जा सकता है। |
| 30 दिन से 1 वर्ष तक की घटना हेतु जिला रजिस्ट्रार को आवेदन एवं शपथ-पत्र प्रस्तुत कर अनुमति प्राप्त करनी होगी। ग्रामीण क्षेत्र में यह अधिकार मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत को है। |
| 1 वर्ष के पश्चात की घटनाओं के पंजीयन हेतु कार्यपालिक मजिस्ट्रेट से अनुमति प्राप्त कर प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा। |
| नामकरण नहीं होने की दशा में, नामकरण पश्चात 24 माह के भीतर बच्चे का नाम दर्ज कराया जा सकता है। |
| त्रुटि सुधार केवल रजिस्ट्रार द्वारा ही किया जा सकता है। |
| विवाह पंजीयन |
| उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार 23 जनवरी 2008 से मध्यप्रदेश में विवाह पंजीयन अनिवार्य कर दिया गया है। |
| विशेष विवाह अधिनियम, 1954 के अंतर्गत विवाह का अनिवार्य रजिस्ट्रीकरण नियम, 2008 दिनांक 30.06.2009 से प्रभावशील है। |
| आयुक्त, आर्थिक एवं सांख्यिकी, मध्यप्रदेश मुख्य विवाह रजिस्ट्रार हैं। |